अहमियत

एक संबंध था,
जटिल सा उसका
मेरे साथ, बहुत पुराना नहीं
अभी अभी बना।

वह समझा नहीं,
जान गया कुछ समय बाद
मेरा साथ, बहुत पुराना नहीं
अभी अभी बना।

कुछ तो अहम था,
उसने मुझे चुना
दिखाया नहीं, जताया नहीं
वो संबंध है, आज भी
नया नया।

अहमियत है,
खिलखिलाते चेहरे की
दिखा नहीं वह, शायद
छुपा है कहीं, रिश्ता जो
अभी अभी बना।

– प्रयास गुप्ता। 


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Neeraj Yadav

मैं नीरज यादव इस वैबसाइट (ThePoetryLine.in) का Founder और एक Computer Science Student हूँ। मुझे शायरी पढ़ना और लिखना काफी पसंद है।

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