Dua Khuda Shayari In Hindi / दुआ खुदा शायरी हिंदी में

Dua Khuda Shayari In Hindi / दुआ खुदा शायरी हिंदी में दुआ की सब को ज़रूरत होती है वो अब आमिर हो या गरीब कोई भी हो क्यू की इस दुनिया में ऐसा कुछ भी नहीं है जो आपको बिन दुआ के मिल जाये या आप के मन में ये बात नहीं हो की दुआ से कुछ भी मिल जाता है क्यू की जब इंसान किसी भी चीज़ की चाहत करता है और उसको लगता है की मुझे ये चीज़ चाहिए या मुझे इसकी खुवाईश है तो हम मंन ही मन दुआ करने लगते है अब सब का अपना ही मज़हब है और सब का अपना ही तरीका है दुआ करने का कोई किसी से मांगता है कोई किसी से सब के अपने भगवन है जो भी जिसको मानता है|

उसी से दुआ भी करता है सा दुआ कुबूल भी नहीं होती कुछ होती है तो कुछ में टाइम लग जाता है ये अपने सोच है की हमे किया सोच कर दुआ करनी है और क्या नहीं सोचना है दुआ की बात हो तो दुआ सभी करते है है हर किसी को दुआ करनी ही पड़ती है क्या वो अब कितना भी अमीर क्यू न हो और अपने साथ साथ हम अपने दोस्तों और अपने भाई और अपने मिलने वाले सब के लिए ही दुआ करते है ऐसे ही वो भी हमारे लिए दुआ करते ही होंगे चलो दोस्तों आज हम दुआ भी करते है हुए शायरी भी यानि शायरी में ही दुआ करते है और हम अपने दोस्त अपने मिलने वालो को ये शायरी शेर भी करेंगे और अपने चाहने वालो को भी
तो इसलिए प्यारे मित्रों आज की नई पोस्ट में हमने आपके लिए Dua Khuda Shayari In Hindi / very sad shayari in hindi/ कुछ खास अंदाज में पेश कर रहे है। तो आइए दोस्तो आज हम खुदा की रहमत पर लिखी गई इन शायरियों को पढ़ना शुरू करते है।

Dua Khuda Shayari In Hindi / दुआ खुदा शायरी हिंदी में

Dua Khuda Shayari In Hindi

या खुदा मेरी दुआओं में इतना असर कर दे,
खुशियाँ उसे दर्द उसका मुझे नजर कर दे,
दिलों से दूरिओं का एहसास मिटा दे ऐ मौला,
नहीं तो उसके आँचल को मेरा कफ़न कर दे।

लौट आती है हर बार दुआ मेरी खाली,
जाने कितनी ऊँचाई पर खुदा रहता है।

दिल दे तो इस मिज़ाज का परवरदिगार दे,
जो रंज की घड़ी भी खुशी से गुजार दे।

वफाओं ​की बातें की जफ़ाओं के सामने​,
​ले चले हम चिराग़ हवाओं के सामने​,
​उठे हैं जब भी हाथ बदली हैं क़िस्मतें​,
​मजबूर है ​खुदा भी दुआओं के सामने​।

तेरी मोहब्बत की तलब थी
इसलिए हाथ फैला दिए,
वरना हमने तो अपनी
ज़िन्दगी की भी दुआ नहीं माँगी।

तू मिल जाए मुझे बस इतना ही काफी है​,
मेरी हर साँस ने बस ये ही दुआ माँगी है​,
जाने क्यूँ दिल खिंचा जाता है तेरी तरफ​,
क्या तूने भी मुझे पाने की दुआ माँगी है​।

तकदीर लिखने वाले एक एहसान लिख दे,
मेरी मोहब्बत की तकदीर में मुस्कान लिख दे,
ना मिले ज़िन्दगी में कभी भी दर्द उसको,
चाहे उसकी किस्मत में मेरी जान लिख दे।

माँगा करेंगे अब से दुआ हिज्र-ए-यार की,
आखिर को दुश्मनी है दुआ की असर के साथ।

वो आ गए मिलने हमसे एक शाम तन्हाई मिटाने,
और हम समझ बैठे इसे अपनी दुआओं का असर।

जीने की उसने हमें नई अदा दी है,
खुश रहने की उसने हमें दुआ दी है,
ऐ खुदा उसको खुशियाँ तमाम देना,
जिसने अपने दिल में हमें जगह दी है।

Dua Khuda Shayari In Hindi / दुआ खुदा शायरी हिंदी में

Dua Khuda Shayari In Hindi

ऐ मेरे खुदा तेरी रहमतो से ही मैं
इंसानियत को जान पाया हूं
इसीलिए मैं इस दुनिया में
मैं खुद को काबिल बन पाया हू.!

जब खुदा तेरे सब्र का सिला देगा तब
तुमने क्या खोया वो तुम्हे याद नही रहेगा

ए खुदा अगर यही
होता रहा तो किधर जाएंगे
ये तेरे बंदे तेरे ही दोनो
के हाथ मर मारे जाएंगे.

मोहब्बत कि इससे
बड़ी मिसाल क्या होगी कि
मेरा खुदा मेरे लिए दुआ मांगता है.

मोहब्बत का मतलब
हमने इतना ही जाना है
एक को चाहा है और
उसी को खुदा माना है..

तेरी किस्मत मेरी किस्मत जैसी है
और तू मेरी परछाई है
ना जाने इस सच्चाई ने भी
कितनी तकलीफ दिलाई है

ढूंढता हूं हर लम्हे में मैं उसको
एक ही लम्हा मुझसे वो जुदा ना हुआ
क्या मिला सजदे में सर झुका के
यदि दिल में खुदा ना हुआ..

कश्तियाँ सब की किनारे पे पहुँच जाती हैं
जिन का कोई नहीं उन का ख़ुदा होता है

मिट जाए गुनाहों का तसव्वुर ही जहाँ से
अगर हो जाये यकीन के खुदा देख रहा है

किसी को ये खौफ के खुदा न देख ले
किसी की ये आरज़ू के खुदा देखता रहे !

Dua Khuda Shayari In Hindi / दुआ खुदा शायरी हिंदी में

Dua Khuda Shayari In Hindi

सामने है जो उसे लोग बुरा कहते हैं
जिस को देखा ही नहीं उस
को ख़ुदा कहते हैं

वो पहले सा कहीं मुझको
कोई मंज़र नहीं लगता
यहाँ लोगों को देखो अब ख़ुदा
का डर नहीं लगता

नहीं बदल सके हम खुद को
औरों के हिसाब से
एक लिबास मुझे भी दिया है खुदा
ने अपने हिसाब से

आशिक़ी से मिलेगा ऐ ज़ाहिद
बंदगी से ख़ुदा नहीं मिलता

मुझे खुदा के इन्साफ पर उस दिन
यकीन हो गया
जब मैंने अमीर और गरीब का एक
जैसा कफ़न देखा

इश्क न हुआ कोहरा हो जैसे
तुम्हारे सिवा कुछ भी दिखता ही नहीं

ऐ सनम जिस ने तुझे चाँद सी
सूरत दी है
उसी अल्लाह ने मुझ को भी
मोहब्बत दी है

कर लेता हूँ बर्दाश्त तेरा हर
दर्द इसी आस के साथ
की खुदा नूर भी बरसाता है
आज़माइशों के बाद

इश्क किया या खता खुदा जाने
तुम्हारे पास वक्त नहीं
हमारे पास तुम नही

दुआ खुदा शायरी हिंदी में

Dua Khuda Shayari In Hindi

ख़ुदा ऐसे एहसास का नाम है
रहे सामने और दिखाई न दे

बंदगी हमने छोड़ दी ए फ़राज़
क्या करें लोग जब
ख़ुदा हो जाएँ

जो भी सीखा है सब भुलाना है
खोज तो खुद की है
खुदा तो बहाना है

बस जान गया मैं तेरी
पहचान यही है
तू दिल में तो आता है
समझ में नहीं आता !!

बाद मरने के मिली जन्नत
ख़ुदा का शुक्र है
मुझको दफ़नाया रफ़ीक़ों
ने गली में यार की

धीरे धीरे अपना बना रहा है कोई
प्यार के सुहाने सपने दिखा रहा है कोई
ए खुदा ये सच्ची मुहब्बत है य़ा चुना
लगा रहा है कोई

इतना ख़ाली था अंदरूँ मेरा
कुछ दिनों तो ख़ुदा रहा मुझ में

हैरान हूँ तेरा इबादत में
झुका सर देखकर
ऐसा भी क्या हुआ जो
खुदा याद आ गया

पूजा था जिसको वो खुदा ना बन सका
इबादत करते करते हम फ़कीर बन गए

मुझ को ख़्वाहिश ही ढूँडने की न थी
मुझ में खोया रहा ख़ुदा मेरा

दुआ खुदा शायरी हिंदी में

Dua Khuda Shayari In Hindi

सलीक़ा ही नहीं शायद उसे
महसूस करने का
जो कहता है ख़ुदा है तो नज़र
आना ज़रूरी है

बहुत तंग हूं ज़िंदगी से
ए खुदा या उससे मिला दे
या अपने पास बुलाले

ख़ुदा से माँग जो कुछ माँगना
है ऐ अकबर
यही वो दर है कि ज़िल्लत
नहीं सवाल के बाद

मोहब्बत की आजमाइश दे दे कर
थक गया हूँ ऐ खुदा
किस्मत मे कोई ऐसा लिख दे
जो मौत तक वफा करे

121 करोड़ की आबादी में
एक शख्स अच्छा लगा
अगर वो भी न मिले तो
ऐ खुदा शिकवा तो बनता है

वफ़ा जिस से की बेवफ़ा हो गया
जिसे बुत बनाया ख़ुदा हो गया

सुनकर ज़माने की बातें तू अपनी
अदा मत बदल
यकीं रख अपने खुदा पर यूँ बार बार
खुदा मत बदल

खुदा ने पूछा क्या सजा दू
तेरे प्यार को
दिलसे आवाज आई मुझसे मोहब्बत
हो जाए मेरे यार को

इस भरोसे पे कर रहा हूँ गुनाह
बख़्श देना तो तेरी फ़ितरत है

हम मुतमईन है उस की रजा के बगैर भी
हर काम चल रहा है खुदा के बगैर भी

दुआ खुदा शायरी

kitne sitam karti hai

किताब सी शख्सियत दे ए मेरे खुदा
सब कुछ कह दू खामोश रहकर

आता है दाग़-ए-हसरत-ए-दिल
का शुमार याद
मुझ से मेरे गुनह का हिसाब
ऐ ख़ुदा न माँग

अपना तो आशिकी का
किस्सा-ए-मुख़्तसर है
हम जा मिले खुदा से दिलबर
बदल- बदल कर

फकीर मिजाज़ हूं मैं अपना अंदाज
औरो से जुदा रखता हूं
लोग जाते है मंदिर मस्ज़िद में
अपने दिल में खुदा रखता हूं

लौट आती है हर बार दुआ मेरी खाली
जाने कितनी ऊंचाई पर खुदा रहता है

प्यार का तो पता नहीं पर खुदा
एक दोस्त ऐसा दे
जो मोहब्बत को भी मात दे दे

गुनाह गिन के मैं क्यूँ अपने
दिल को छोटा करूँ
सुना है तेरे करम का कोई
हिसाब नहीं

लाख ढूंढें गौहर-ए-मक़सूद
मिल सकता नहीं
हुक्म खुदा का न हो तो पत्ता
भी हिल सकता नहीं

जरा ये धूप ढल जाए तो हाल पूछेंगे
यह कुछ साए अपने आपको
खुदा बताते हैं

अल्लाह अगर तौफ़ीक़ न दे इंसान
के बस का काम नहीं
फ़ैज़ान-ए-मोहब्बत आम सही
इरफ़ान-ए-मोहब्बत आम नहीं

दुआ खुदा शायरी हिंदी में

Dua Khuda Shayari In Hindi

खुदा को भूल गए लोग फ़िक्र-ए-रोज़ी में
तलाश रिज्क की है राजिक
का ख्याल ही नहीं

नसीब में कुछ रिश्ते अधूरे लिखे होते हैं
लेकिन उन की यादें बहुत खूबसूरत होती है

जो चाहिए सो माँगिये अल्लाह से अमीर
उस दर पे आबरू नहीं जाती सवाल से

करम जब आला-ए-नबी का शरीक होता है
बिगड़ बिगड़ कर हर काम ठीक होता है

उसी का इमान बदल गया है
कभी जो मेरा खुद रहा था

सब लोग अपने अपने ख़ुदाओं
को लाए थे
इक हम ही ऐसे थे कि हमारा
ख़ुदा न था

तेरा करम तो आम है दुनिया के वास्ते
मैं कितना ले सका ये मुकद्दर की बात है

सब्र इतना रखो की इश्क़
बेहूदा ना बने
खुदा मेहबूब बन जाए पर
महबूब खुदा ना बने

फ़रिश्ते हश्र में पूछेंगे पाक-बाज़ों से
गुनाह क्यूँ न किए क्या
ख़ुदा ग़फ़ूर न था

एक मुद्दत के बाद हमने ये
जाना ऐ खुदा
इश्क तेरी ज़ात से सच्चा है
बाकी सब अफ़साने

दुआ खुदा शायरी हिंदी में

दुआ खुदा शायरी हिंदी में

अल्फ़ाज़ों में क्या बयां करें अपनी
मोहब्बत के अफ़साने
हमारे में तो तुम ही हो तुम्हारे
दिल की खुदा जाने

मीर बंदों से काम कब निकला
माँगना है जो कुछ ख़ुदा से माँग

मोहब्बत कर सकते हो तो खुदा से करो
मिटटी के खिलौनों से कभी
वफ़ा नहीं मिलती

आंसू वो खामोश दुआ है
जो सिर्फ खुदा ही सुन
सकता है

अच्छा यक़ीं नहीं है तो कश्ती डुबा के देख
इक तू ही नाख़ुदा नहीं
ज़ालिम ख़ुदा भी है

ना जहां मांगा है ना आसमां
मांगा है तुझसे ए खुदा मैंने तो
मेरे हिस्से में बस उसे ही मांगा है

जग में आ कर इधर उधर देखा
तू ही आया नज़र जिधर देखा

उसने महबूब ही तो बदला है
फिर ताज्जुब कैसा
दुआ कबूल ना हो तो लोग खुदा
तक बदल देते हैं

ओ मेरे मसरूफ़ ख़ुदा
अपनी दुनिया देख ज़रा

वही रखेगा मेरे घर को बलाओं से महफूज़
जो शज़र से घोंसला गिरने नहीं देता

दुआ खुदा शायरी हिंदी में

दुआ खुदा शायरी हिंदी में

जब सफ़ीना मौज से टकरा गया
नाख़ुदा को भी ख़ुदा याद आ गया

हर ज़र्रा चमकता है अनवर-ए-इलाही से
हर सांस ये कहती है हम हैं तो खुदा भी है

ना जाने कैसे परखता है मुझे मेरा खुदा
इम्तिहान भी सख्त लेता है ओर मुझे
हारने भी नहीं देता

तमाम पैकर-ए-बदसूरती है मर्द की ज़ात
मुझे यक़ीं है ख़ुदा मर्द हो नहीं सकता

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