Jharkhand Vaikalpik Kheti Yojana 2023: आवेदन प्रक्रिया लाभ और पात्रता

Jharkhand Vaikalpik Kheti Yojana झारखण्ड वैकल्पिक खेती योजना: झारखण्ड वैकल्पिक खेती योजना किसानों को सूखे से बचाने के लिए एक नई योजना शुरू कर रही है। इस योजना के माध्यम से राज्य सरकार राज्य के किसानों को वैकल्पिक खेती करने के लिए प्रोत्साहित कर रही है, ताकि उन्हें होने वाले नुकसान से बचाया जा सके। यदि आप भीझारखंड राज्य के किसान हैं और योजना से संबंधित सभी जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं, तो आज हम आपको इस योजना से जुडी सभी जानकारी जैसे –  झारखंड वैकल्पिक खेती योजना का उद्देश्य , लाभ एवं विशेषताएं पात्रता दस्तावेज आवेदन प्रक्रिया आदि से संबंधित सभी जाकारी प्राप्त करने के लिए आप हमारे इस Jharkhand Vaikalpik Kheti Yojana लेख को अंत तक जरूर पढ़े।

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Jharkhand Vaikalpik Kheti Yojana 2023

हाल ही में झारखंड सरकार ने ‘Jharkhand Vaikalpik Kheti Yojana’ की शुरुआत की है, जो मानसून की कमी के कारण किसानों को सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू की गई है। झारखंड में हो रही बारिश की कमी के कारण किसानों को समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं, और इस योजना के माध्यम से उन्हें सीधी बुआई और विभिन्न प्रकार की फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

इस योजना के तहत, किसानों को धान, ऊपरी जमीन पर उड़द, मूंग, अरहर, मक्का, कुलथी, तोरिया, ज्वार, मडुआ जैसी फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इससे किसान नुकसान से बच सकते हैं और उन्हें स्थायी समृद्धि की दिशा में कदम बढ़ाने का अवसर मिलेगा।

यह योजना झारखंड के किसानों को नई तकनीकी और सुधारित खेती प्रणालियों के साथ सहायता प्रदान करके उन्हें मौसम की अनियमितता के खिलाफ सजग बनाए रखने का लक्ष्य रखती है। इसके माध्यम से, किसानों को सबसे अच्छे तरीके से फसल बोने जाने का सामर्थ्य मिलेगा, जिससे उन्हें अधिक मुनाफा होगा और वे आत्मनिर्भर हो सकें।

झारखंड वैकल्पिक खेती योजना के बारे में जानकारी

योजना का नामझारखण्ड वैकल्पिक खेती योजना 
किसके द्वारा शुरू किया गयाझारखण्ड सरकार, कृषि विभाग द्वारा 
वर्ष  2023
लाभार्थीराज्य के सभी किसान
आवेदन की प्रक्रियाऑफलाइन 
उद्देश्यराज्य के किसानों को वैकल्पिक खेती करने के लिए प्रोत्साहित करना 
राज्यझारखण्ड 
आधिकारिक वेबसाइटअभी लांच नहीं 
झारखण्ड कृषि विभाग वेबसाइटClick Here

झारखंड वैकल्पिक खेती योजना क्या है?

राज्य सरकार ने किसानों को होने वाले नुकसान से बचाने के लिए और खरीफ फसल करने वाले किसानों को सूखा पड़ने के कारण होने वाले नुकसान से मुक्ति प्रदान करने के लिए एक योजना शुरू की है। इस योजना के अंतर्गत, कृषि बागवानी स्वालंबी सहकारी समिति लिमिटेड के सदस्य किसान FPO के CEO प्रिय रंजन के साथ समन्वय स्थापित किया गया है। इस समन्वय के तहत, ब्लॉक चैन प्रणाली में पंजीकरण कराने का कार्य किया जा रहा है ताकि किसान बीज की खरीदारी को तेजी से और सुरक्षित रूप से कर सकें।

इसके अलावा, झिले के तोरपा प्रखंड के FPO तोरपा महिला कृषि बागवानी स्वालंबी सहकारी समिति लिमिटेड के पास सुखा प्रतिरोधी कम अवधि उरद प्रभेद PU-31 बीज 50% अनुदानित दर पर ₹64 प्रति किलो पर प्रदान किया जा रहा है। इससे किसानों को उरद बीज की खरीद में सहारा मिलेगा और वे अधिक मुनाफा कमा सकेंगे। इसके लिए उन्हें छोटी अवधि सूखा प्रतिरोधी नस्ल के बीज अनुदान पर भी योजना द्वारा सहायता प्रदान की जा रही है।

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झारखंड वैकल्पिक खेती योजना  के उद्देश्य

झारखंड सरकार ने ‘झारखंड वैकल्पिक खेती योजना’ का शुभारंभ किया है, जिसका मुख्य उद्देश्य राज्य के किसानों को विभिन्न खेती विकल्पों के लिए प्रोत्साहित करना है। इस योजना के माध्यम से, राज्य के किसानों को दलहन, तिलहन, और सब्जियों की खेती करने के लिए समर्थन प्रदान किया जा रहा है। यह एक महत्वपूर्ण पहल है उन किसानों के लिए जो मानसून की कमी के कारण अपनी पारंपरिक खेती में नुकसान झेल रहे हैं।

इस योजना के तहत, किसानों को विभिन्न खेती विकल्पों में सहायता प्रदान की जा रही है ताकि वे अपनी आर्थिक स्थिति में सुधार कर सकें। योजना के माध्यम से, राज्य सरकार किसानों को नई तकनीकियों और सृजनात्मक खेती प्रणालियों का परिचय देने का प्रयास कर रही है ताकि उन्हें अधिक मुनाफा हो सके और वे आत्मनिर्भर बन सकें।

इस योजना के अंतर्गत, झारखंड के किसानों को नए खेती विकल्पों की जानकारी मिलेगी और उन्हें उन विकल्पों में सहायता प्रदान की जाएगी, जिससे उन्हें संशोधित और सुरक्षित खेती का मौका मिलेगा।

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झारखंड वैकल्पिक खेती योजना के लाभ एवं विशेषताएं

  • झारखंड सरकार ने हाल ही में शुरू की गई Jharkhand Vaikalpik Kheti Yojana के माध्यम से किसानों को खरीफ फसलों की खेती करने के लिए प्रोत्साहित करने का लक्ष्य रखा है। इस योजना के अंतर्गत, राज्य के किसानों को दलहन, तिलहन, और सब्जियों की खेती के लिए समर्थन प्रदान किया जा रहा है। यह एक प्रयास है ताकि किसान आत्मनिर्भर बन सकें और मौसम की अनियमितता के कारण होने वाले नुकसान से बचा जा सके।
  • इस योजना के तहत, झारखंड सरकार ने धान की खेती के साथ-साथ अरहर, उरद, कुरथी, मक्का, मूंग, तोरिया, ज्वार, और मडुवा जैसे सूखा प्रतिरोधी नस्लों के बीजों के लिए भी अनुदान प्रदान करने का निर्णय लिया है। इसका मकसद यह है कि किसानों को सूखे के दौरान भी स्थिर आय प्राप्त हो सके, और वे अपनी आर्थिक स्थिति में सुधार कर सकें।
  • योजना के अंतर्गत, बीज कम बारिश में भी प्रभेद सफल होने की क्षमता रखते हैं, जो झारखंड राज्य में हुई कम बारिश की वजह से उत्पन्न हुए सूखे को सफल बनाने में सहायता करेंगे। इसके साथ ही, योजना फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए भी प्रोत्साहित कर रही है, जिससे किसानों को अधिक विकल्प मिलेंगे और वे अपनी खेती को और भी सुरक्षित बना सकें।
  • इसके आलावा, योजना के अंतर्गत खूंटी जिले के तोरपा प्रखंड के FPO तोरपा महिला कृषि बागवानी स्वालम्बी सहकारी समिति लिमिटेड द्वारा सुखा प्रतिरोधी कम अवधि उड़द प्रभेद PU-31 बीज 50% अनुदानित दर पर ₹64 प्रति किलो पर उपलब्ध करवाया जा रहा है। इससे स्थानीय किसानों को सस्ते बीज मिलेगे और उन्हें सूखा प्रतिरोधी फसलों की खेती करने का अवसर मिलेगा।
  • इस योजना के अंतर्गत लाभ प्राप्त करने के लिए, किसानों को लाभार्थी पंजीकरण करवाना होगा और वे बीज की खरीदारी जल्दी से जल्दी कर सकें।

झारखंड वैकल्पिक खेती योजना के लिए पात्रता

झारखंड सरकार द्वारा शुरू की गई झारखंड वैकल्पिक खेती योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए निम्नलिखित पात्रता और आवश्यक दस्तावेजों को पूरा करना होगा:-

निवास स्थान:

  • योजना का लाभ केवल झारखंड राज्य के मूल निवासियों को ही प्रदान किया जाएगा। आवेदक को अपने मूल निवास का सबूत प्रस्तुत करना होगा।

किसान स्थिति:

  • योजना का लाभ केवल उन किसानों को मिलेगा जो खेती के लिए पंजीकृत हैं। किसानों को अपनी कृषि भूमि का सबूत प्रदान करना होगा।

आवश्यक दस्तावेज:

  • आवेदकों को अपनी पहचान पत्र, आधार कार्ड, किसान पंजीकरण प्रमाण पत्र, और बैंक खाता आदि जैसे सभी महत्वपूर्ण दस्तावेजों के साथ आवेदन करना होगा।

किसान पंजीकरण प्रमाण पत्र:

  • आवेदकों को राज्य के कृषि विभाग द्वारा जारी किसान पंजीकरण प्रमाण पत्र का सबूत प्रदान करना होगा।

खेती संबंधित दस्तावेज:

  • आवेदकों को खेती संबंधित दस्तावेजों का सबूत प्रदान करना होगा, जैसे कि खेत का पुर्ज़ा, बुआई का समय-सारणी, और अन्य संबंधित विवरण।

आपको ध्यान देना चाहिए कि इन पात्रता और दस्तावेजों में कोई भी असमर्थता या गलती के लिए आपका आवेदन नाकारात्मक हो सकता है। इसलिए, सभी आवश्यक जानकारी और दस्तावेजों को सावधानीपूर्वक पूरा करें ताकि आप योजना के लाभ को सही समय पर प्राप्त कर सकें।

झारखंड वैकल्पिक खेती योजना के लिए जरूयी दस्तावेज

इस योजना में आवेदन करने के लिए उम्मीदवार के पास नीचे दिए गए सभी दस्तावेजों (Documents) का होना अनिवार्य है –

  • आधार कार्ड
  • निवास प्रमाण पत्र
  • आय प्रमाण पत्र
  • मोबाइल नंबर
  • बैंक खाता विवरण
  • पासपोर्ट साइज फोटो

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Jharkhand Vaikalpik Kheti Yojana 2023 के लिए आवेदन प्रक्रिया

झारखंड सरकार द्वारा चलाई जा रही योजना के लाभ प्राप्त करने के लिए निम्नलिखित दिशा-निर्देशों का पालन करें:-

1. सबसे पहले, आपको तोरपा महिला कृषि बागवानी स्वालंबी सहकारी समिति लिमिटेड के सदस्य की FPO के CEO प्रिय रंजन से समन्वय स्थापित करना होगा।

2. इसके बाद, आपको अपना पंजीकरण ब्लॉक चैन प्रणाली में करवाना होगा।

3. पंजीकरण कराने के बाद, आप बड़ी आसानी से अनुदानित छोटी अवधि सूखा प्रतिरोधी नस्लों के बीज खरीद सकते हैं।

इस तरीके से आप सरकार द्वारा शुरू की गई योजना का लाभ उठा सकते हैं और सूखे के कारण होने वाले नुकसान से बचा सकते हैं।

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Jharkhand Vaikalpik Kheti Yojana FAQs

झारखंड वैकल्पिक खेती योजना के लिए लगने वाले दस्तावेज क्या है?

इस योजना के लिए आपके पास आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, बैंक खाता विवरण, मोबाइल नंबर, पासपोर्ट साइज फोटो आदि दस्तावेजों का होना आवश्यक है।

Jharkhand Vaikalpik Kheti Yojana 2023 का उद्देश्य क्या है?

झारखंड सरकार द्वारा Jharkhand वैकल्पिक खेती योजना को शुरू करने का मुख्य उद्देश्य किसानों को वैकल्पिक खेती करने के लिए प्रोत्साहित करना है।

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