Keet Rog Niyantran Yojana 2024: आवेदन प्रक्रिया और महत्वपूर्ण जानकारी सहित

Keet Rog Niyantran Yojana उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में किसानों की फसलों को नुकसान से बचाने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए कीट रोग नियंत्रण योजना लागू की है। कीट रोग नियंत्रण योजना के तहत फसलों पर कीटनाशकों के छिड़काव के लिए कीटनाशकों और मशीनों पर सरकार द्वारा सब्सिडी प्रदान की जाएगी। किसानों की फसलों को नुकसान से बचाने के लिए मंगलवार 6 सितंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कैबिनेट बैठक में इस योजना के प्रस्ताव को 5 साल के लिए और बढ़ाने की मंजूरी दे दी गई है. अगर आप भी किसान हैं और अपनी फसलों को खराब होने से बचाना चाहते हैं तो कीट रोग नियंत्रण योजना 2024 का लाभ पाने के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए आपको इस Keet Rog Niyantran Yojana आर्टिकल को अंत तक पढ़ना होगा। क्योंकि आज हम आपको इस आर्टिकल के माध्यम से उत्तर प्रदेश कीट नियंत्रण योजना से संबंधित सभी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करेंगे।

Makkaludan Mudhalvar Scheme 

UP Keet Rog Niyantran Yojana 2024

उत्तर प्रदेश सरकार ने शुरू की गई Keet Rog Niyantran Yojana का लक्ष्य राज्य के किसानों को कीटनाशक फसलों के लिए सहारा प्रदान करना है। यह योजना 5 वर्षों के लिए थी, लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में यह निर्णय लिया गया है कि इसे और 5 सालों के लिए बढ़ा दिया जाएगा, यानी 2022-23 से 2026-27 तक। इससे किसानों को फसलों की सुरक्षा में मदद मिलेगी। Keet Rog Niyantran Yojana के तहत, किसानों को कीटनाशक फसलों पर कीटनाशक का छिड़काव करने वाली मशीनों पर अनुदान प्रदान किया जाएगा। इससे किसान अधिक तकनीकी समर्थन प्राप्त कर सकेंगे और उनकी फसलों को कीटों और रोगों से बचाने में मदद होगी।

योजना के अंतर्गत, किसानों को सालाना फसलों में होने वाली 15 से 20% क्षति, फसल रोगों से 26% क्षति, और कीटों से 20% क्षति से बचाव के लिए सहायकता प्रदान की जाएगी। इससे किसानों को नुकसान से बचाने में मदद मिलेगी और उन्हें अधिक उत्पादक बनाने में सहायता होगी। इसके साथ ही, योजना के माध्यम से प्रदान की जाने वाली तकनीकी साधनों से किसानों को नए और अधिक सुरक्षित तरीकों से कीटनाशक का प्रयोग करने का अवसर मिलेगा, जिससे उनकी फसलें स्वस्थ रहेंगी और उनका उत्पादन बढ़ेगा।

Mukhyamantri Digital Seva Yojana 

उत्तर प्रदेश कीट रोग नियंत्रण योजना के बारे में जानकारी

योजना का नामकीट रोग नियंत्रण योजना
शुरू की गईउत्तर प्रदेश सरकार द्वारा
उद्देश्यकीटनाशकों और कीटनाशक छिड़काव करने वाली मशीनों पर किसानों को अनुदान प्रदान करना
लाभार्थीउत्तर प्रदेश के किसान
योजना पर खर्च किए जाएंगे19257.75 करोड़ रुपए (5 वर्षों में)
साल2024
आवेदन प्रक्रियाऑफलाइन
ऑफिशल वेबसाइटhttp://upagriculture.com/

NREGA Gram Panchayat List 

Keet Rog Niyantran Yojana का उद्देश्य

उत्तर प्रदेश सरकार ने कीट रोग नियंत्रण योजना को शुरू करके किसानों को फसलों की खराबी से बचाने का मुख्य उद्देश्य रखा है। इस योजना के तहत, किसानों को कीटनाशक और फसलों पर कीटनाशक का छिड़काव करने वाली मशीनों पर अनुदान प्रदान किया जा रहा है, जिससे वे अपनी फसलों को नुकसान से बचा सकें। कीट रोग नियंत्रण योजना के माध्यम से उत्तर प्रदेश के किसानों को सालाना खरपतवार से होने वाली 15 से 20% क्षति, फसल रोगों से 26% क्षति, और कीटों से 20% होने वाले नुकसान से बचाने में मदद मिलेगी। इससे किसानों की आय में वृद्धि होगी और उन्हें अधिक उत्पादक बनाए रखने में सहायता होगी। यह योजना किसानों को नवीनतम तकनीकी और वैज्ञानिक उपायों से परिचित कराने के साथ-साथ, उन्हें उपयुक्त कीटनाशकों का उपयोग करने के लिए तकनीकी समर्थन भी प्रदान करेगी। इससे उन्हें फसलों की सुरक्षा और उत्पादन में सुधार होगा, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

MGNREGA Yojana 

किसानों को जैविक दवाइयों पर मिलेगा 75%अनुदान

किसानों को कीट रोग नियंत्रण योजना के अंतर्गत उपलब्ध किए जाने वाले कृषि उपकरण और कीटनाशकों के संबंध में उत्तर प्रदेश सरकार ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। इस योजना के तहत, खाधान्न उत्पादन के लिए बायोपेस्टीसाइड्स और बायोएजेन्ट्स को 75% अनुदान पर किसानों के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। इससे किसान अधिक सस्ते में उपयुक्त कीटनाशकों का उपयोग कर सकेंगे और फसलों को कीटों और रोगों से बचा सकेंगे।

वर्तमान में राज्य में हो रहे खरपतवार, कीट, और रोगों के नियंत्रण के लिए एकीकृत नाशजीव प्रबंधन प्रणाली को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है। इसके तहत, कृषि विभाग ने राज्य में 9 आई.पी.एम. प्रयोगशालाओं की स्थापना की है, जिनमें विभिन्न बायोपेस्टीसाइड्स और बायोएजेंट्स का उत्पादन किया जा रहा है। इनमें ट्राइकोडरमा, ब्यूवेरिया वैसियाना, एन.पी.वी., और ट्राइकोग्रामा कार्ड जैसे आइटम शामिल हैं। इससे किसानों को उन्नत और प्रभावी नाशजीव प्रबंधन के लिए विभिन्न विकल्प उपलब्ध होंगे, जो उनकी फसलों को बेहतर सुरक्षा देने में मदद करेगा और उनकी आय में वृद्धि होगी।

Mukhyamantari Sukh Aashray Yojana 

उत्तर प्रदेश कीट रोग नियंत्रण के लाभ एवं विशेषताएं

  • उत्तर प्रदेश में किसानों को फसलों पर कीटनाशकों का छिड़काव करने वाली मशीनों पर सब्सिडी प्रदान करने के लिए कीट रोग नियंत्रण योजना शुरू की गई थी।
  • उत्तर प्रदेश में कीट रोग नियंत्रण योजना वित्तीय वर्ष 2017-18 से 2021-22 के लिए शुरू की गई थी।
  • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में 6 सितंबर 2022 को हुई कैबिनेट बैठक में विभिन्न पर्यावरणीय संसाधनों के माध्यम से फसलों को होने वाले नुकसान से बचाने की इस योजना के प्रस्ताव को आगे बढ़ाने की मंजूरी दे दी गई है.
  • यूपी सरकार द्वारा कीट रोग नियंत्रण योजना के संचालन के लिए 5 वर्षों यानि वर्ष 2022-23 से 2026-27 तक 19257.75 करोड़ रुपये खर्च किये जायेंगे।
  • उत्तर प्रदेश सरकार चालू वित्तीय वर्ष 2022-23 में 34.17 करोड़ रुपये खर्च करेगी.
  • इस योजना के अंतर्गत उत्तर प्रदेश के छोटे एवं सीमांत किसानों को खरपतवार, कीट एवं रोगों के नियंत्रण के लिए कृषि रक्षा रसायनों पर 50% सब्सिडी प्रदान की जाएगी।
  • कीट नियंत्रण योजना से राज्य के लाखों किसानों को कई मोर्चों पर फायदा होगा.
  • कीट नियंत्रण योजना से 2022 से 2027 तक 41 लाख 42 हजार किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।
  • कीट नियंत्रण योजना से किसानों की आय में वृद्धि होगी तथा किसानों का भविष्य आर्थिक रूप से मजबूत होगा।

My Scheme Portal

Keet Rog Niyantran Yojana के तहत पात्रता

  • कीट रोग नियंत्रण योजना के लिए आवेदक को उत्तर प्रदेश का मूल निवासी होना चाहिए।
  • इस योजना के तहत केवल किसान ही आवेदन करने के पात्र होंगे।

Jharkhand Bijli Bill Online

Keet Rog Niyantran  के लिए जरूरी दस्तावेज

  • आधार कार्ड
  • निवास प्रमाण पत्र
  • आय प्रमाण पत्र
  • जमीन से जुड़े कागजात
  • पासपोर्ट साइज फोटो
  • मोबाइल नंबर
  • ईमेल आईडी

Haryana Mukhyamantri Shehri Awas Yojana  

Uttar Pradesh Keet Rog Niyantran Yojana के तहत आवेदन प्रक्रिया

  • सबसे पहले आपको जिला कृषि विभाग कार्यालय जाना होगा।
  • कृषि विभाग कार्यालय से आपको कीट नियंत्रण योजना का आवेदन पत्र संबंधित अधिकारी से लेना होगा।
  • अब आपको आवेदन पत्र में पूछी गई सभी महत्वपूर्ण जानकारी को ध्यानपूर्वक पढ़ना और दर्ज करना होगा।
  • सभी जानकारी दर्ज करने के बाद आपको आवेदन पत्र के साथ सभी आवश्यक दस्तावेज संलग्न करने होंगे।
  • इसके बाद आपको यह आवेदन पत्र उस कृषि विभाग में जमा करना होगा जहां से आपको यह आवेदन पत्र प्राप्त हुआ था।
  • इस प्रकार आप अपनी रोग नियंत्रण योजना के अंतर्गत आवेदन कर सकते हैं।

Leave a Comment