Mohabbat Yaad Shayari / मोहब्बत याद शायरी

Mohabbat Yaad Shayari / मोहब्बत याद शायरी दोस्तों जब हमे किसी की याद आती है तब हम क्या क्या सोचते है और उसको याद करते है और अपनी मोहब्बत को याद करते है और अपनी मोहब्बत के लिए लिए कुछ ना कुछ सोचते ही रहते है फिर हम सोसल मिडिया पर सर्च करते है कुछ मोहब्बत की शायरी कुछ याद शायरी और फिर हम उन्हें अपने सोशल मिडिया पर स्टेटस के रूप में शेयर करते है और अपनी मोहब्बत दिखते है की हमे कितनी मोहब्बत है अपने महब्बो से और ये आज का जो टाइम है वो बहुत ही एडवांस है आज कल हम अपने दिल की साडी बाते और अपनी दिल की जो भी हसरते है सब आज कल हम सोशल मिडिया पर शेयर करते है और हम चाहते भी यही है की हमे कोई ऐसा तरीका मिले जिस से हम अपनी बात भी कह दे और शर्मिन्दिगी भी ना हो तो आज हम अपने दोस्तों के लिए ये बहुत ही खास और बेहतरीन शायरी ले कर आये है हमारी ये मोहब्बत याद शायरी आपके लिए बाहत ही बेहतरीन विकल्प होने वाली है अपने दिल की बात कहने के लिए

Top 150+Mohabbat Yaad Shayari / मोहब्बत याद शायरी

Mohabbat Yaad Shayari

जो पुकारता था हर घड़ी
जो जुड़ा था मुझसे लड़ी-लड़ी,
वो शख्स अगर कभी मुझे
भूल जाये तो क्या करें।

याद करते हैं हम आज भी उन्हें पहले की तरह,
कौन कहता है फासले मोहब्बत की याद मिटा देते हैं।

अभी तक दिल में रोशन हैं तुम्हारी याद के जुगनू
अभी इस राख में चिंगारियाँ आराम करती हैं।

अकेलेपन का इलाज़ होती हैं यादें,
बहुत ही हसीन सी होती हैं यादें,
यूँ तो बोलने को कुछ भी नहीं हैं,
पर मानने को किसी का साया हैं यादें।

वो अपनी ज़िन्दगी में हो गए मसरूफ इतने कि,
किस-किस को भूल गए अब उन्हें भी याद नहीं।

तेरी यादें भी मेरे बचपन के खिलौने जैसी हैं,
तन्हा होता हूँ तो लेकर बैठ जाता हूँ।

तेरी यादों की कोई मंजिल होती तो अच्छा था,
खबर तो रहती कितना सफ़र तय करना है।

मेरे काबू में न पहरों दिल-ए-नाशाद आया,
वो मेरा भूलने वाला जो मुझे याद आया।

वो दिन दिन नहीं वो रात-रात नहीं,
वो पल पल नहीं जिस पल आपकी बात नहीं,
आपकी यादों से मौत हमें अलग कर सके,
मौत की भी इतनी औकात नहीं।

दिल के सागर में लहरें उठाया ना करो,
ख्वाब बनकर नींद चुराया ना करो,
बहुत याद करता है मेरा दिल तुम्हें
ख्वाबों में आके यूँ तड़पाया ना करो।

खुल जाता है तेरी यादों का बाज़ार सरेआम,
फिर मेरी रात इसी रौनक में गुजर जाती है।

उजाले अपनी यादों के हमारे साथ रहने दो,
न जाने किस गली में ज़िन्दगी की शाम हो जाए।

तेरी मोहब्बत याद शायरी

Mohabbat Yaad Shayari

कुछ नये सपने उसी के देखना है फिर मुझे,
सो गया हूँ मैं बहा कर जिसकी यादें आँख से।

तुझे याद करना न करना अब मेरे बस में कहाँ
दिल को आदत है हर धड़कन पे तेरा नाम लेने की।

कभी याद आती है कभी उनके ख्वाब आते हैं,
मुझे सताने के सलीके तो उन्हें बेहिसाब आते हैं।

इस तरह दिल में समाओगे सोचा न था,
दिल को इतना तड़पाओगे सोचा न था,
मालूम था कि दूर हो तो याद तो आओगे,
मगर इस कदर याद आओगे सोचा न था।

बड़ा अजीब सा ज़हर था उसकी याद में,
पूरी उम्र गुजर गई मरते-मरते।

मसरूफ़ ज़िन्दगी में तेरी याद के सिवा,
आता नहीं है कोई मेरा हाल पूछने।

बदली सावन की कोई जब भी बरसती होगी,
दिल ही दिल में वह मुझे याद तो करती होगी,
ठीक से सो न सकी होगी कभी ख्यालों से मेरे,
करवटें रात भर बिस्तर पे बदलती होगी।

भुला दिया है मुझे ज़ालिम ने आदतन भी मगर,
वो बात कि जिससे याद आऊँ मुझ में थी भी नहीं।

उसे यकीन था खुद पे कि भूल जायेगा मुझे,
हमें भी दिल पे भरोसा था और याद रक्खे हैं।

उसे जब याद आएगा वो पहली बार का मिलना,
तो पल-पल याद रखेगा या सबकुछ भूल जायेगा,
उसे जब याद आएगा गुजरे मौसम का हर लम्हा,
तो खुद ही रो पड़ेगा या खुद ही मुस्कुराएगा।

दो लफ्ज़ क्या लिखे तेरी ‪याद‬ में हमने,
लोग कहने लगे तू आशिक़ बहुत पुराना है।

काश तू भी बन जाए तेरी यादों की तरह,
न वक़्त देखे न बहाना बस चली आये।

यह माना के हम से वो खफा रहे होंगे,
हो सकता है वो हमें आजमा रहे होंगे,
हम उतनी ही शिद्दत से याद करेंगे उन्हें,
जितनी शिद्दत से वो हमें भुला रहे होंगे।

Mohabbat Yaad Shayari / मोहब्बत याद शायरी

Mohabbat Yaad Shayari

जब से तेरी चाहत अपनी ज़िन्दगी बना ली है,
हम ने उदास रहने की आदत बना ली है,
हर दिन हर रात गुजरती है तेरी याद में,
तेरी याद हमने अपनी इबादत बना ली है।

किस जगह रख दूँ तेरी याद के चिराग को,
कि रोशन भी रहूँ और हथेली भी ना जले।

बुझा भी दो सिसकते हुए यादों के चिराग,
इनसे कब हिज्र की रातों में उजाला होगा।

याद करेंगे तो दिन से रात हो जायेगी,
आईने को देखिये हमसे बात हो जायेगी,
शिकवा न करिए हमसे मिलने का,
आँखें बंद कीजिये मुलाकात हो जायेगी।

नया कुछ भी नहीं हमदम
वही आलम पुराना है,
तुम्हें भुलाने की कोशिश है
तुम्हीं को याद आना है।

कभी यूँ भी हो कि बाज़ी पलट जाए सारी,
उसे याद सताए मेरी और मैं सुकून से सो जाऊं।

भीगते हैं जिस तरह से
तेरी यादों में डूब कर,
इस बारिश में कहाँ वो कशिश
तेरे खयालों जैसी।

बेताब से रहते हैं तेरी याद में अक्सर,
रात भर नहीं सोते हैं तेरी याद में अक्सर,
जिस्म में दर्द का बहाना सा बना कर,
हम टूट कर रोते हैं तेरी याद में अक्सर।

बिछड़ी हुई राहों से जो गुजरे हम कभी,
हर मोड़ पर खोई हुई एक याद मिली है।

ना कर जिद अपनी हद में रह ए दिल,
वो बड़े लोग है मर्जी से याद करते है।

मत सोच कि मैं तुझे भुला नहीं सकता,
तेरी यादों के पन्ने मैं जला नहीं सकता,
कश्मकश ये है कि खुद को मारना होगा,
और अपने खातिर तुझे रुला नहीं सकता।

कुछ धड़कता तो है सीने में मेरे रह-रह कर,
अब खुदा जाने तेरी याद है या दिल मेरा।

खौफ से लेते नहीं नाम कि सुन न ले कोई,
चुपके-चुपके हम तुम्हें याद किया करते हैं।

Mohabbat Yaad Shayari / मोहब्बत याद शायरी

Mohabbat Yaad Shayari

तपिश से बच कर घटाओं में बैठ जाते हैं,
गए हुए की सदाओं में बैठ जाते हैं,
हम इर्द-गिर्द के मौसम से जब भी घबराये,
तेरे ख्याल की छाँव में बैठ जाते हैं।

बिछड़ी हुई राहों से जो गुजरे हम कभी,
हर कदम पर खोई हुई एक याद मिल गयी।

तुमने किया न याद कभी भूल कर हमें,
हमने तुम्हारी याद में सब कुछ भुला दिया।

प्यास बुझती नहीं बरसात गुजर जाती है,
कितनी जल्दी ये मुलाकात गुजर जाती है,
अपनी यादों से कह दो यूँ न सताया करें,
नींद आती नहीं और रात गुजर जाती है।

जब तुम्हारी याद के ज़ख़्म भरने लगते हैं,
फिर किसी बहाने तुम्हें याद करने लगते हैं।

थक गया है दिल-ए-वहशी मेरा फ़रियाद से भी,
जी बहलता नहीं ऐ सनम तेरी याद से भी।

फिर उसी की याद में दिल बेक़रार हुआ है,
बिछड़ के जिस से हुई शहर-शहर रुसवाई।

तेरी बेरूखी का अंजाम एक दिन यही होगा,
आखिर भुला ही देंगे तुझे याद करते करते।

मजबूरियाँ सारी हम दिल में छिपा लेते हैं,
हम कहाँ रोते हैं हमारे हालात रुला देते हैं,
हम तो हर पल याद करते हैं सिर्फ आपको,
और आप भुला देने का इल्जाम लगा देते हैं।

हसरत नहीं, अरमान नहीं, आस नहीं है,
यादों के सिवा कुछ भी मेरे पास नहीं है।

आ गयी तेरी याद दर्द का लश्कर लेकर,
अब कहाँ जायें हम दिल-ए-मुजतर लेकर।

वो वक़्त वो लम्हे कुछ अजीब होंगे,
दुनिया में हम सबसे खुशनसीब होंगे,
दूर से जब इतना याद करते हैं आपको,
क्या होगा जब आप हमारे करीब होंगे?

मिटाओगे कहाँ तक तुम मेरी यादें मेरी बातें,
मैं हर मोड़ पर अपनी निशानी छोड़ जाऊंगा।

Top Mohabbat Shayari

Mohabbat Yaad Shayari

बहुत जी चाहता है क़ैद-​ए​-​जाँ से निकल जायें​,
तुम्हारी याद भी लेकिन इसी मलबे में रहती है।

दूर रह कर करीब रहने की आदत है,
याद बन के आँखों से बहने की आदत है,
करीब न होते हुए भी करीब पाओगे,
मुझे एहसास बनकर रहने की आदत है।

उसकी धड़कन में मेरी याद अभी बाकी है,
ये हकीकत मेरे जीने के लिए काफी है।

ख्याल आँधी है उसका कि दिल काँप जाता है,
मेरे उदास ख्यालों किवाड़ मत खोलो।

अपनों की यादें खुशबु की तरह
होती है चाहे कितनी भी खिड़की
दरवाज़े बंद कर लो हवा के झोंके के
साथ अन्दर आ ही जाती है!

सिलसिला चाहत का आज भी जारी है,
तेरी यादों से आज भी यारी है,
ख्वाबों में तुम आते रहना क्योंकि
तुम्हारी मुस्कान बहुत प्यारी है.

तुम्हे न पाए कोई साथ के बाद
जुदाई न पाए कोई मुलाक़ात के बाद
न पड़े किसी को किसी की आदत इतनी
की हर पल उसे उसकी याद सताई

न मिले किसी का साथ
तो हमें याद करना,
तनहाई महसूस हो
तो हमे याद करना,
खुशियां बाटने के
लिए दोस्त हजारो रखना
जब गम बाटना हो
तो हमें याद करना!

कभी तुम्हारी याद आती हैं
कभी तुम्हारी ख्वाब आती हैं,
मुझे सताने के तरीके तो
तुम्हे बेहिसाब आते हैं!

जिनका मिलना नहीं होता किस्मत में,
उनकी यादें कसम से कमाल की होती हैं!

मजबूर नही करेंगे तुझे वादे
निभाने के लिए, बस एक बार
आ जाना अपनी यादें वापस
ले जाने के लिए…

न शिकवा किसी का
न फ़रियाद किसी की,
एहसास मिटा और मिटी उम्मीदें,
सब मिटा पर न मिटी याद किसी की।

खुल जाता हैं तेरी यादों
का बाज़ार सरेआम,
फिर मेरी रात उसी
रौनक में गुजर जाती हैं!

Mohabbat Ko Aazamana kafi Hai

Mohabbat Yaad Shayari

अपने गम में भी नायाब
खजाना ढूंढ लेते हैं,
हम तुम्हें याद करने का
बहाना ढूंढ लेते हैं!

तुझे भूलने की कोशिश तोह
बहुत की ए सनम,लेकिन
तेरी याद गुलाब की खुशबु
की तरह रोज मेहकती हैं!

वक़्त मिलन से जुदाई का आ गया,
महफ़िल से तन्हाई का आ गया।
इतना बदल गया ये कि
मुझ अच्छे-खासे की तबाही का आ गया।

हर पल महसूस होते हो ,
अब चाहे इसे याद कह लो।

तुम्हारे बिन भीगने की
मर गयी है ख्वाहिश,
अब काटो-सी लगती है
ये खूबसूरत बारिश।

मुझे कुछ भी नही कहना,
इतनी सी गुजरिस है,
बस उतनी बार मिल जाओ
जितनी याद आते हो,

बहुत अजब होती हैं
यादें यह मोहब्बत की,
रोये थे जिन पलों में
याद कर उन्हें हँसी आती है,
और हँसे थे जिन पलों में
अब याद कर उन्हें रोना आता है।

मुझे नींद की इजाज़त भी
उनकी यादों से लेनी पड़ती है,
जो खुद आराम से सोये हैं
मुझे करबटों में छोड़ कर।

सरहदें तोड़ के आ जाती है
किसी पंछी की तरह,
यह तेरी याद है जो बंटती नहीं
मुल्कों की तरह।

अभी तक दिल में रोशन हैं
तुम्हारी याद के जुगनू
अभी इस राख में चिंगारियां
आराम करती हैं।

फिर उसकी याद, फिर उसकी आस, फिर उसकी बातें,
ऐ दिल लगता है तुझे तड़पने का बहुत शौक है।

अपनी यादों की खुसबू भी हमसे छीन लेंगे क्या,
किताब-ए-दिल में अब ये सूखा गुलाब तो रहने दो।

मोहब्बत याद शायरी

Mohabbat Yaad Shayari

न कर ज़िद्द, अपनी औकात में रह ऐ नादान दिल,
वो बड़े लोग हैं, अपने शौक से याद करते हैं।

कुछ और नहीं कहना, बस इतनी ही चाहत है
तुम मुझे उतनी ही मिल जाओ, जितनी याद आती हो।

तुम याद आओगे यकीन था,
इतना आओगे अंदाजा न था।

बड़ी तब्दीलियाँ लाया हूँ मैं अपने आप में लेकिन,
बस तुमको याद करने की वो आदत अब भी बाकी है।

तुझे भूलने की कोशिशें कभी कामयाब न हो सकें,
तेरी याद शाख-ऐ-गुलाब है, जो हवा चली तो महक गयी।

वो जिंदगी ही क्या जिसमें मोहब्बत नहीं,
वो मोहब्बत ही क्या जिसमें यादें नहीं,
वो यादें ही क्या जिसमें तुम नहीं,
और वो तुम ही क्या जिसके साथ हम नहीं।

जो तूने दिया उसे हम याद करेंगे,
हर पल तेरे मिलने की फ़रियाद करेंगे,
चले आना जब कभी ख्याल आये मेरा,
हम रोज़ खुदा से पहले तुझे याद करेंगे।

एक उम्मीद का दिया जल रहा था,
जिसे अश्कों की बारिश ने बुझा दिया,
तनहा अकेले ख़ुशी से जी रहा था,
आज फिर आपकी याद ने रुला दिया।

कुछ नहीं बाकी बचा है तेरे जाने के बाद,
तड़प उठता है मेरा दिल आ जाये जो तेरी याद,
मायूस हो गया हूँ मैं अपनी सूनी ज़िंदगी से,
कोई तो हो जो समझे मेरे दिल के यह जज़्बात।

यादें आती हैं यादें जाती हैं,
कभी खुशियाँ कभी गम लाती हैं,
शिकवा ना करो जिंदगी से,
आज जो जिंदगी है
वही आने वाले कल की याद कहलाती है।

यादों से दिल भरता नहीं,
दिल से यादें निकलती नहीं,
यह कैसी कशमकश है,
आपको याद किये बिना…
दिल को चैन मिलता नहीं।

हम तेरे दिल में रहेंगे एक याद बनकर,
तेरे लब पर खिलेंगे मुस्कान बनकर,
कभी हमें अपने से जुदा न समझना,
हम तेरे साथ चलेंगे आसमान बनकर।

बेताब से रहते हैं तेरी याद में अक्सर,
रात भर नहीं सोते तेरी याद में अक्सर,
बेदर्द जमाने का बहाना सा बना कर,
हम टूट के रोते हैं तेरी याद में अक्सर।

Dosti Nibhate Rahege

dosto ka farz

आज भीगी है पलके किसी की याद में,
आकाश भी सिमट गया हैं अपने आप में,
ओस की बूँद ऐसी गिरी है ज़मीन पर,
मानो चाँद भी रोया हो उनकी याद में।

अब बुझा दो ये सिसकते हुए यादों के चराग,
इनसे कब हिज्र की रातों में उजाला होगा।

ठंडी हवाए क्या चली मेरे शहर में,
हर तरफ यादों का दिसंबर बिखर गया।

यकीन करो मेरा, लाख कोशिशें कर चुका हूँ मैं
ना सीने की धड़कन रुकती है, ना तुम्हारी याद।

तेरी यादों की दुनिया में बहुत महफूज रहते हैं,
जहां न कुछ खोने का डर है न अब कुछ पाने की तमन्ना।

माना कि वक्त के साथ हर चीज पुरानी हो जाती है,
एक तेरी यादें हैं कि हर रोज नई होकर आती हैं।

वक़्त का मरहम हर जख्म को भर देता है,
टूटे ख्वाब यादों के मौसम में दर्द ज़रूर देते हैं।

कलाई पर घड़ी बांध लेने से वक्त नहीं थमता,
उसे जीना पड़ता है, ताकि लम्हा यादो मै कैद हो जाये।

कुछ आँसू होते हैं जो बहते नहीं,
लोग अपने प्यार के बिना रहते नहीं,
हम जानते हैं आपको भी आती है हमारी याद,
पर जाने क्यों आप हमसे कहते नहीं।

उनसे दूर जाने का इरादा तो न था,
साथ साथ रहने का बादा भी न था,
वो याद आएँगे ये जानते थे हम,
पर इतना याद आयेंगे अंदाजा न था।

मुद्दतें गुजरी और तेरी याद ही ना आयी,
और हम भूल गए हों तुझे ऐसा भी नहीं।

एक तुम हो सनम कि कुछ कहते नहीं,
एक तुम्हारी यादें हैं जो चुप रहती नहीं।

ये अच्छा उसने मेरे कतल का तरीका ईजाद किया,
मर जाता मैं हिचकियो से, इतना मुझे याद किया।

Mohabbat Ki Azib Dasta

mohbbat ki bhi

दुनियाँ भर की यादें हम से मिलने आती हैं
शाम ढले इस सूने घर में मेला लगता है।

ये कसमें ये रस्में ये ज़माने का डर,
रुलाएगी मुझे बहुत तेरी याद उमर भर।

एक आरज़ू सी है कि उन्हें भूल जाएँ हम,
मगर उनकी यादों के आगे तो यह हसरत भी हार जाती है।

बहुत दर्द देता है उस इंसान का याद आना,
जो हमें कभी भूलकर भी याद नहीं करता।

मुझे तुमसे प्यार हो गया है,।
बार बार तुम याद आ रही है।

हजरों शिकायतें रट रखी थी उन्हें सुनाने को,
वो मुस्कुरा के ऐसे मिले कि एक भी याद नहीं रही।

कर दिया मेरी चाहत ने उसे लापरवाह ,
मैंने याद नहीं दिलाया तो मेरा ख्याल भी नहीं आया।

अजीब ज़ुल्म करती हैं
तेरी यादें मुझ पर,
सो जाऊं तो उठा देती हैं
जाग जाऊं तो रुला देती हैं।

क्यों करते हो मेरे दिल पर इतना सितम,
याद करते नहीं तो याद आते क्यों हो?

हम तो हर बार मोहब्बत से सदा देते हैं,
आप सुनते हैं और सुन के भुला देते है,
ऐसे चुभते हैं तेरी याद के खंजर मुझको,
भूल जाऊं जो कभी याद दिला देते हैं।

Tera Hee Tera Khayal

har rooz

आज ये कैसी उदासी छाई है,
तन्हाई के बादल से भीगी जुदाई है,
टूट के रोया है फिर मेरा दिल,
जाने आज किसकी याद आयी है।

कुछ दर्द कुछ नमी कुछ बातें जुदाई की,
गुजर गया ख्यालों से, तेरी याद का मौसम।

बूंदे बारिश की यूँ ज़मी पे आने लगी,
सोंधी सी महक माटी की जगाने लगी,
हवाओ में भी जैसे मस्ती छाने लगी,
वैसे ही हमें भी आपकी याद आने लगी।

मजबूरी में नहीं दिल करे तो याद करना,
दुनिया से फुर्सत मिले तो याद करना,
दुआ है ज़माने की हर ख़ुशी मिले आपको,
फिर भी आँख भर आये तो याद करना।

कोई चला गया दूर हमसे तो क्या करे,
कोई मिटा गया सब निशान तो क्या करे,
याद आती है उनकी हमें हद से ज्यादा,
मगर वो याद न करे तो क्या करे।

क्यों कोई मेरा इंतज़ार करेगा,
अपनी ज़िंदगी मेरे लिए बेकार करेगा,
हम कौन सा किसी के लिए ख़ास हैं,
क्या सोच कर कोई हमें याद करेगा।

जिक्र उनका ही आता है मेरे फ़साने में,
जिनको जान से ज्यादा चाहते हैं ज़माने में,
तन्हाई में उनकी ही याद का सहारा मिला,
जिनको नाकाम रहे हम भुलाने में।

तुझे भुलाने की कोशिश तो बहुत की ऐ सनम,
तेरी यादें गुलाब की शाख हैं जो रोज महकती हैं।

साथ हमारा चाहे पल भर का सही,
पर वो पल ऐसे जैसे कोई कल नहीं,
न हो ज़िन्दगी में शायद फिर मिलना हमारा,
पर महकती रहेंगी तुम्हारी यादें हमारे संग यूँ ही।

हर रात रो रो के उसे भुलाने लगे,
आंसुओं में उसके प्यार को बहाने लगे,
ये दिल भी कितना अजीब है कि,
रोये हम तो वो और याद आने लगे।

याद कर के भूलना ही न आया हमें,
किसी के दिल को सताना ही ना आया हमें,
किसी के लिए तड़पना तो सीख लिया,
अपने लिए किसी को तड़पाना न आया हमें।

अभी मशरूफ हूँ काफी, कभी फुरसत से सोचूंगा,
कि तुझको याद रखने में, मैं क्या क्या भूल जाता हूँ।

प्यार करते हैं तुमसे कितना दिखा ना सके,
तुम क्या हो हमारे लिए कभी बता ना सके,
तुम साथ नहीं हो फिर भी,
तुम्हारी याद को कभी हम भुला ना सके।

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