BEST 5 प्रेरणादायक कहानियाँ जीवन में सफल होने के लिए | Motivational Story in Hindi

Best 5 Motivational Story in Hindi

नमस्कार दोस्तों! हम सभी को कहानियाँ सुनना और पढ़ना बहुत पसंद है। सभी ने बचपन में अपनी नानी, दादी, मम्मी और दादाजी से कहानियाँ तो सुनी ही होगी। इन्ही कहानियों ने हमें जीवन में बहुत कुछ सिखाया है। पर जब जीवन में परेशानियाँ आती है तो हम कई बार हताश हो जाते है। ऐसी परिस्थिति में हमें कुछ समझ नहीं आता है। लेकिन जब जीवन से जुड़ी ऐसी कहानियाँ हम पढ़ते है तो हमें आगे बढ़ते रहने का ऊर्जा मिलती है। यहाँ आपको 5 सबसे अच्छी मोटिवेशनल कहानियाँ (Motivational Story in Hindi) मिलेगी जो बिल्कुल आपकी जिदंगी से संबंधित पक्ष को दर्शाती है।

सफल होने के लिए आप इन कहानियों को अच्छे से पढ़े और इनसे मिली सीख को अपने जीवन में उतारने का प्रयास करें। आप एक दिन जरूर अपने लक्ष्य को पाने में कामयाब होंगे। ये कहानियाँ पूर्णतः कड़ी शिक्षा से भरपूर है।

Motivational Story in Hindi-1: छोटे बच्चे ने बचाई दोस्त की जान

कहानी है दो बच्चो की जिसमें से एक 6 साल का था और एक 10 साल का, दोनों बहुत ही अच्छे दोस्त थे बिल्कुल सोले मूवी के जय और वीरू जैसे। दोनों साथ-साथ खेलते थे, साथ-साथ नाहते थे और खूब मजे करते थे। एक दिन दोनों खेलते-खेलते जंगल में चले जाते है। अब उसमें से 10 साल वाला बच्चा जाकर एक कुएं में गिर जाता है। और ज़ोर-ज़ोर से चीखने चिल्लाने लगता है। अपने दोस्त को कुएं में गिरा देखकर 6 साल वाला छोटा बच्चा बहुत परेशान हो जाता है। वो अपने आस-पास नजरें घूमाता है और देखता है कि दूर-दूर तक उसकी मदद करने के लिए वहाँ कोई नहीं था।

Motivational Story in Hindi-1

लेकिन तभी उसकी नजर पास में पड़ी एक बाल्टी पर पड़ती है, जिसमें एक रस्सी बंधी हुई थी। वो अपना जरा-सा भी समय बर्बाद ना करते हुए उस रस्सी से बंधी बाल्टी को कुएं में डालता है और अपने दोस्त को बाल्टी पकड़ने को कहता है। और अपनी पूरी ताकत लगाकर रस्सी को तब तक खींचता रहा, जब तक उसने अपने दोस्त को बचा नहीं लिया। जब 6 साल का बच्चा अपने दोस्त को कुएं से बाहर निकाल लेता है। तब दोनों गले लगते है खुशी में रोने लगते है।

जब ये बात सभी को गाँव में पता लगती है तो सब हैरान हो जाते है। कि एक 6 साल का बच्चा जिसमें इतनी भी ताकत नहीं है कि वो 1 पानी से भरी बाल्टी उठा सके! वो ये कैसे कर सकता है? तब सभी लोग गाँव के सबसे बुजुर्ग और सबसे समझदार आदमी जिनका नाम रहीम था उनके पास जाते है। और इस बारें में पूछते है, तो रहीम चाचा हसते हुए कहते है- “इसमें क्या है छोटे-बच्चे ने बाल्टी को कुएं में फेंका और अपने दोस्त बचा लिया, अब इसमें मैं क्या बताऊँ?” फिर वो बोले- “सवाल ये नहीं है कि वो छोटा-बच्चा ये कैसे कर पाया? सवाल है कि वो ये क्यूँ कर पाया? सोचो उसमें इतनी ताकत कहाँ से आई? और इसका केवल एक जवाब है कि- जिस वक्त इस बच्चे ने अपने दोस्त को बचाया दूर-दूर तक वहाँ कोई नहीं था! उसे ये बताने वाला कि तू ये नहीं कर सकता!

कहानी से सीख: अगर आप चाहें तो वो सबकुछ कर सकते है जो आपको लगता है कि आप नहीं कर पाओगे। अगर आप इस बारें में पता हो कि कोई कार्य आपके लिए कितना महत्वपूर्ण है तो आप उसे चुटकियों में कर जाओगे।


Motivational Story in Hindi-2: जो होता है अच्छे के लिए होता है

यह कहानी अकबर और बीरबल की है। एक बार दोनों शिकार करने जंगल जाते है, तब तलवार निकलते वक्त अकबर का अँगूठा कट जाता है। वो बौखला जाता है चीखने-चिल्लाने लगता है और कहता है- “सिपाहियों देखों मेरा अँगूठा कट गया है…देखों मेरी क्या हालत हो गयी है…जाओ जाकर वैध को लेकर आओ” उधर से बीरबल आता है और अकबर की हालत देखकर कहता है- “महाराज…ज्यादा कुछ नहीं हुआ है..जो होता है अच्छे के लिए होता है”

Motivational Story in Hindi-2

अकबर ये सुनकर ज्यादा बौखला जाता है…गुस्से में- “बीरबल! क्या कह रहा? मैं तुझे अपना समझता था और तू कैसी बेकार की बातें कर रहा है? सिपाहियों! वैध को छोड़ो पहले इस बीरबल को ले जाओ और रात भर के लिए उल्टा लटका दो और कोड़े मारते रहना और सुबह होते ही फांसी दे देना” सिपाही बीरबल को पकड़ के ले जाते है। उधर अकबर अकेला शिकार के लिए निकल जाता है। अब रास्ते में अकबर को कुछ आदिवासी पकड़ लेते है और ले जाकर उल्टा लटका देते है। उसके आस-पास नाचने लगते है ताकि उसकी बलि चड़ा सके। तभी एक आदिवासी की नजर अकबर के कटे अंगूठे पर पड़ती है। वो कहते है- ‘ये तो अशुद्ध है..इसकी बलि नहीं चड़ा सकते! छोड़ दो इसे आदिवासी अकबर को छोड़ देते है।

सुबह हो जाती है, अब अकबर रो रहा होता है सोचता है- ‘अभी तक तो बीरबल को फांसी लग गई होगी’ चीखता है और भागता हुआ आता है, देखता है बीरबल को बस फांसी लगने ही वाली होती है। तभी जाकर बीरबल के पैर पकड़ लेता है और उसे गले लगा लेता है कहता है- “मुझे माफ माफ करदो बीरबल! तुमने सही कहा था- जो होता है अच्छे के लिए होता है, देखो मैंने तुम्हारा क्या हाल कर दिया?” अब अकबर अपने साथ हुआ किस्सा बीरबल को बताता है।

तब बीरबल टूटी-फूटी हालत में- “नहीं महाराज! जो होता है अच्छे के लिए होता है”

अकबर चौंक जाता है कहता है- “बीरबल! क्या तू पागल है? क्या कह रहा है? अब इसमें क्या अच्छा है?”

बीरबल कहता है- “महाराज! अच्छा हुआ आपने मुझे फांसी देने के लिए भेज दिया…अगर कल मैं आपके साथ गया होता तो, वो लोग मेरी बलि चढ़ा देते”

कहानी से सीख: इस दुनियाँ में जो कुछ भी होता है सबकुछ अच्छे के लिए है। इस कहानी से हमें हमेशा सकारात्मक सोच रखने की सीख मिलती है।


Motivational Story in Hindi-3: दूसरा विकल्प

ये कहानी है एक राज्य की, कुछ गुप्तचर राजा को आकार बताते है कि पड़ोसी राज्य हम पर हमला करने वाला है। सूचना बिलकुल पक्की है सिर्फ 3 दिन में वो अपनी विशाल सेना लेकर हमारे राज्य की ओर बढ़ेंगे। उनकी सेना इतनी बड़ी है कि हम उन्हे कभी पराजित नहीं कर पाएंगे। इस सूचना को सुनकर राजा बहुत परेशान हो जाता है और राजा ने तुरंत ही सभा बुलाई। सभी से सलाह मांगी गयी सभी ने अपने-अपने तर्क प्रस्तुत किए।

तभी उनमें से एक मंत्री ने राजा से कहा- “महाराज! वैसे भी पड़ोसी राज्य के हमले के बाद हमारा बच पाना मुश्किल है…इसलिए, हमें आज ही पड़ोसी राज्य पर उनके हमला करने से पहले हमला कर देना चाहिए”

राजा कहता है- “मंत्री! यह कैसे मुमकिन है हमारी सेना तो बहुत छोटी है…इतनी कम सैन्य शक्ति के साथ इतने बड़े राज्य को कैसे हराया जा सकता है?”

मंत्री कहता है- “महाराज! हमारे पास इसके अलावा दूसरा विकल्प नहीं है…अभी दुश्मन राज्य की सेना युद्ध के लिए तैयार नहीं होगी “

राजा सेना को युद्ध के लिए तैयार होने का आदेश देता है। उसी दिन पूरी सेना तैयार होकर पड़ोसी राज्य पर हमला करने के लिए आगे बढ़ती है। दोनों राज्यों के बीच एक पुल था जब सेना उस पुल को पार कर लेती है तब राजा उस पुल को तोड़ देने का आदेश देता है। अब सैनिकों के पास युद्ध छोड़ के भागने का विकल्प ही नहीं बचा, अब या तो उन्हे लड़ना था या मरना था। सभी सैनिक अपनी पूरी जान लगाके ऐसे युद्ध लड़े कि उन्होने अपने से कई ज्यादा शक्तिशाली राज्य को परास्त कर दिया।

कहानी से सीख: जीवन अगर आपके पास कोई दूसरा विकल्प नहीं होगा तो आपके सफल होने की संभावना अधिक बढ़ जाती है।


Motivational Story in Hindi-4: अपनी कीमत बढ़ाओ

एक बार एक आदमी अपने बेटे को एक पत्थर देता है और कहता है- “बेटा इसे लेकर बाजार जाओ और कोई कीमत पूछे तो कुछ मत कहना बस 2 अंगुली खड़ी कर देना।” लड़का पत्थर को लेकर बाजार जाता है और बहुत देर बैठता तभी उस पत्थर पर एक बूढ़ी औरत की नजर पड़ती है। बूढ़ी औरत लड़के से पत्थर की कीमत पूछती है। लड़का अपने पापा के कहे अनुसार 2 उंगली खड़ी कर देता है। बूढ़ी औरत को उसकी कीमत 200 रुपये लगती है।

लड़का घर आकार अपने पिताजी को बताता है कि पापा एक बूढ़ी औरत मुझे इस पत्थर के 200 रुपये देने के लिए तैयार है। उसके बाद लड़के के पिताजी उस पत्थर को लेकर उसे म्यूजियम के सामने बैठने को बोलते है। लड़का पत्थर के साथ म्यूजियम के सामने बैठता है, तभी एक आदमी कि नजर उसके हाथ में रखे पत्थर पर पड़ती है। आदमी पत्थर की कीमत पूछता है। पिछली बार की तरह लड़का 2 अंगुली खड़ी कर देता है। वो उसे कहता है- “यह पत्थर तुम मुझे दे दो मैं तुम्हें इसके लिए 20,000 रुपये दूंगा” वह दोबारा अपने पापा को ये बात बताता है।

उसके पिताजी उसे कहते है मैं तुम्हें अब आखिरी बार एक जगह भेजूँगा वहाँ भी कोई कीमत पूछे तो बस 2 अंगुली खड़ी कर देना। वह उसे एक कीमती पत्थर की दुकान के सामने भेजता है। दुकान का मालिक लड़के के हाथ में पत्थर देखकर बहुत खुश होता है। और कहता है- “यह वही पत्थर है जिसे मैं ज़िदगी भर ढूंढ रहा था…इसकी क्या कीमत है…इसके लिए मैं तुम्हें मुह मांगी रकम देने को तैयार हूँ” लड़का हर-बार की तरह 2 अंगुली का इशारा बताता है। दुकानदार कहता है अच्छा 2,00,000 ठीक है, मंजूर है। लड़का यह सुनकर चौंक जाता है और सोचता है कि एक साधारण से पत्थर में ऐसा क्या कि यह आदमी मुझे इसके 2 लाख रुपये देने को तैयार है। यह सारी बात वह अपने पिताजी को बताता है। तब उसके पिताजी उसे समझाते है कि बेटा पत्थर तो एक ही है परंतु सभी के लिए इसकी कीमत अलग-अलग है। उसी प्रकार यह तुम पर निर्भर करता है कि तुम स्वयं को कहाँ देखते हो। तुम अपने आप को जितना आंकतें हो उससे कहीं ज्यादा तुम्हारी कीमत है।

कहानी से सीख: हर इंसान कि कीमत बहुत होती है बस वह जैसा सोचता है उस हिसाब से उसकी कीमत लोगो को होती है।


Motivational Story in Hindi-5: घुड़दौड़ में गधा

एक गाँव में घोड़ा दौड़ प्रतियोगिता करवाई जा रही थी। आस पास के सभी गाँव अपने घोड़े के साथ इस प्रतियोगिता में भाग ले रहे थे। सभी गाँवो के पास अपने-अपने घोड़े थे, परंतु एक गाँव ऐसा भी था जिसके पास अपना घोड़ा नहीं था। प्रतियोगिता में भाग नहीं लेने से गाँव के सम्मान को बहुत ठेंस लगती।

तब सरपंच ने गाँव के लोगो को एक सुझाव दिया कि क्यों न हम घोड़े कि जगह गधे को घुड़दौड़ में उतारें। बात गाँव कि इज्जत की थी इसलिए सभी लोग मान गए। अब गाँव के सभी गधों में से सबसे हस्ट-पुश्ट गधे का चुनाव किया गया। गधे को जब इस बात का एहसास हुआ कि मुझे प्रतियोगिता में घोड़ो के साथ दौड़ना होगा वह बहुत परेशान हो गया।

प्रतियोगिता के दिन सभी घोड़ो के बीच गधे को ले जाकर खड़ा किया गया। दाएँ-बाएँ घोड़ों को देखकर गधे के पैर काँप उठे। लेकिन घुड़दौड़ प्रारंभ होने से 5 सेकंड पहले गाँव के सरपंच ने गधे की पूछ उठाकर मिर्ची दाल दी। अब दौड़ सुरू हो गयी, अब गधे के पीछे आग लग गयी थी! गधा कुछ ऐसा दौड़ा की उसने सारे घोड़ों को पछाड़ दिया।

कहानी से सीख: जब जीवन में आपके दिल में सफल होने की दृड़ इच्छा हो तो आप हर लक्ष्य को प्राप्त कर सकते है।


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मैं नीरज यादव इस वैबसाइट (ThePoetryLine.in) का Founder और एक Computer Science Student हूँ। मुझे शायरी पढ़ना और लिखना काफी पसंद है।

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