Pareshani Shayari In Hindi / परेशानी शायरी हिंदी में

Pareshani Shayari In Hindi / परेशानी ये एक ऐसी बाला है जिसकी ज़िन्दगी में आ जाये वो कही का नहीं रहता और कोई भी काम उसका सफल नहीं हो सकता जब तक उसकी ज़िन्दगी में ये परेशानी नाम उसकी ज़िन्दगी में रहेगा अगर किसी ली ज़िन्दगी में परेशानी आ जाये किसी भी प्रकार की आप समझ जाओ की अब उसका वक़्त गया अब उसका हर काम खरब ही होता चला जायगा जब तक की ये परेशानी नामक चीज़ उसकी ज़िन्दगी में रहेगी जिसकी किसी की ज़िन्दगी में अभी ये आई नहीं उसको ये ही नहीं पता की ये होती किसी है उसको इसका ज़ुल्म पता ही नहीं होता है और ये परेशानी कोई एक ही तरह की नहीं होती और नहीं ही इसका प्रभाव किसी एक चीज़ पर पड़ता है ये तो बहुत तरह की होती है किसी को बिज़नेस करने की परेशानी तो किसी को बिज़नेस नहीं चलने की परेशानी किसी को घर की परेशानी किसी को घर के बहार की परेशानी कोई किसी से प्यार करता है|

उसके लिए परेशान है कोई इसलिए परेशान है की वो मुझसे प्यार क्यू नहीं करता कोई परेशानी को सर पर चढ़ा लेता है तो कोई परेशानी का डट कर सामना करता है कोई परेशानी में रह कर होने आपको मज़बूर समझने लगता है तो कोई अपनी मज़बूरी को ही अपनी परेशानी समझता है तो दोस्तों ज़ादा टाइम न खरब करते हुवे हम आज परेशानी के ऊपर शायरी पढ़ेंगे और अपने दोस्तों को शेर भी करेंगे चले फिर शुरू करते है और आप को और भी कोई शायरी चाहिए तो आप को यहाँ मिल जायगी love shayari /dard shayari /dosti shayri bewafa shayari aur bhi kafi typ ki shayari yaha par hai apke liye /sad shayari

Pareshani Shayari In Hindi

 Pareshani Shayari

एक मैं हूँ जो उसे अपनी हर ख़ुशी में शामिल करता हूँ
और एक वो है जो मुझे बस अपनी परेशानी में याद करता है

किसी और को क्या दुखी करूंगा मैं तो अपने दुःख से परेशान हूँ,
किसी और को क्या परेशान करूंगा मैं, मैं तो खुद से परेशान हूँ।

जिन्हे परेशान करना हक़ था हमारा
आज उनका हाल पूछने से पहले भी इजाज़त लेनी पड़ती है

कोई समय से परेशान कोई समाज से परेशान है,
कोई अपने कल से परेशान कोई अपने आज से परेशान है

ना मोहब्बत की, ना नाराज हुई सिर्फ हैरान कर दिया,
मेरे दिल को उसने तोड़ा तो नहीं पर परेशान कर दिया…

परेशानियां जीना सिखाती है मुश्किल आगे बढ़ना सिखाती है,
चट्टानें चढ़ना सिखाती है और जंग हमे लड़ना सिखाती है…

मेरे टूटे हुए दिल के सफ़र को आसान कर दे,
ख़्वाब में आकर इसे थोड़ा परेशान कर दे

इतना भी क्या परेशान होना कल के लिए,
क्या पता कब साँसे टूट जाएँ और ये जग छूट जाएँ

तुमने कहा था हर शाम हाल पूछोगे हमारा,
तुम बदल गए हो या तुम्हारे शहर में शाम नहीं होती…

बोलने वालों की बोलती बंद कर बेज़ुबान मत कर,
ऐ ज़िन्दगी अब इतना भी परेशान मत कर

अपनी जिंदगी में वो बहुत परेशान होते हैं,
जिनके दिल में भी दिमाग होते हैं…!!

मैंने अपने दिल पर एहसान किया, दिल में उन्हें बसाकर
नेक काम किया दिल लगाकर एक बेवफा से मैंने अपने दिल को ही परेशान किया

कुछ परेशान तो मैं इसीलिए भी हो जाता हूँ
की तुम खुश रहती हो मेरे बिना अब

कभी पूरा कमरा तो कभी दिल का एक कोना परेशान करता है,
कभी तेरा ना होना और कभी खुद का होना मुझे परेशान करता है…

घूमा करते थे जो क़दम मोहोब्बत की गलियों में बड़े शान से,
आज बैठे है आँखों में आंसू लिए परेशान से

Pareshani Shayari In Hindi

Pareshani Shayari

परेशानियां को बिलकुल परे रख कर, चल
दौड़ इस ज़िन्दगी के अग्निपथ पर

सुन सको तो सुनो क्या मेरा दिल कहता हैं,
हर वक़्त ये तुम्हारे लिए परेशान रहता हैं

न बोलती हो और न शरारत करके हैरान करती हो,
आजकल बड़े अदब से तुम हमे परेशान करती हो…

तुझे मानाने से पहले काश मैं ये जान लेता
की तू मुझसे नाराज़ नहीं परेशान हो गया है…

परेशान होता भी और करता भी हूँ सबको,
मुझे ले क्यों नहीं जाता पूछता हूँ मैं रब को…

जो शौर में थे खुश थे काफी, मुझे लगता है
सुकून की ख्वाहिश रखना ही परेशानी की बात है

तेरे मेरे रिश्ते का आखिर कल क्या होगा,
ये जो परेशान हाल-ऐ-दिल है इसका हल क्या होगा

मुस्कुराते हैं झूठा बहुत हम बहार बड़े शान से,
बस हम और हमारा दिल ही जानते हैं अंदर से हैं हम कितने परेशान से…

दिल में बसने वाले इक एहसान कर,
अब इस दिल को और न परेशान कर…

अपनी मेहनत से तू बना अपनी पहचान,
जिंदगी में तू होगा सबसे कम परेशान…

कितना लड़ूँ आख़िर मैं भी इक इंसान हूँ,
वक़्त थोड़ा बुरा है इसलिए परेशान हूँ…

अपनी परेशानियों को हमने बढ़ा ली हैं,
हमने जो अपनी आदतें बिगाड़ ली हैं…

कुछ लोग परेशान हैं तेरे-मेरे साथ से,
वैसे भी ये पूरा जमाना परेशान हैं किसी न किसी बात से…

इस जमाने में सुकून मिलता है खुदा की बंदिगी में,
वरना सभी परेशान है अपनी-अपनी जिंदगी में…

खुदा रहम न करे तो हर कोई परेशान हो जाएँ,
जान ही ले ले अगर ये जिंदगी आसान हो जाएँ

Pareshani Shayari In Hindi

jhukna waha chahiye

एक अँधेरा कमरा और उसमे बैठा वीरान मैं,
हो रही है बारिश बहुत लगता है आसमान भी परेशान है

परेशान कर पूछते हैं परेशानी क्या है,
ना जाने ऐसे लोगो की कहानी क्या है…

जो तो हाल पूछ ले हाल-ऐ-दिल का,
हर मसला हल हो जाए हाल-ऐ-दिल का

परेशानी की वजह पूछते हो सनम,
लगता है तुमने कभी आइना नहीं देखा…

खुद की ज़िन्दगी इतनी बेस्वाद हो गई
की दूसरों के मसलों में मसाले ढूंढते हैं लोग…

वो ना मिली इस बात पर सुबह शाम रोकर,
परेशान हो गया हूँ परेशान होकर…

यूँ ही नहीं घुटने टेके है मैंने हर मोड़ पर
मुझे परेशानी खड़ी मिली है…

एक उम्र तक ही ज़िंदा रहता है इंसान
उसके बाद तो बस परेशान रहता है…

दिल भी परेशान रहता है उनके लिए
हम कुछ भी नहीं है जिनके लिए…

जो हर हाल में हर हाल पुछा करते थे,
आज कुछ पूछो उनसे तो परेशान हो जाते हैं

सोचा नहीं था ज़िन्दगी में ऐसे भी फ़साने होंगे,
रोना भी आएगा और आंसू भी छुपाने होंगे…

चले गए ना तुम भी दूर नज़दीक आ कर,
इतना दुःख देकर इतना दिल दुखा कर…

परेशानियों का जब परवान चढ़ा,
कौन अपना कौन पराया पता पड़ा

कुछ लोग को नही कहने नहीं आता,
यही आदत परेशानी का सैलाब है लाता…

जो अपनी क़ाबलियत से अनजान होता हैं,
वो इस दुनिया में बड़ा परेशान होता हैं…

इस दुनिया में खुश होना बड़ा ही आसान हैं,
यहाँ तो हर कोई दूसरों की ख़ुशी से परेशान हैं…

तू मुझे लाख परेशान कर ले सनम
मैं आज भी तुझे परेशानी में देख नहीं सकता

परेशानी शायरी हिंदी में

Pareshani Shayari In Hindi

माना कि मुझ पर तेरे अहसान बहुत हैं
मगर ए जिन्दगी तुझसे हम परेशान बहुत हैं,
कोई नहीं मिलता है जो बाँट ले दर्द मेरा
मतलब से मिलने वाले इन्सान बहुत हैं

एक मैं हूँ जो उसे अपनी हर ख़ुशी में शामिल करता हूँ
और एक वो है जो मुझे बस अपनी परेशानी में याद करता है

कोई समय से परेशान कोई समाज से परेशान है,
कोई अपने कल से परेशान कोई अपने आज से परेशान है…

ग़मों से भरा है जिन्दगी का सफ़र
हर शख्स आगे बढ़ रहा है,
मौत ही है इसकी आखिरी मंजिल
सबका तजुर्बा यही कह रहा है।

खुशियाँ कहाँ नसीब होती हैं सबको यहाँ
जिन्दगी तो बस एक मुफलिसी का दौर है साहब

कहाँ पूरी होती हैं यहाँ मुँह मांगी मुरादें कभी,
कुछ और नहीं बस भरोसे का नाम है जिन्दगी

अगर मेरी जिन्दगी तेरे साए में गुजर जाए,
तो जिन्दगी ही क्या मेरी तो मौत भी संवर जाए

सुन सको तो सुनो जिन्दगी की सुरमयी सरगम को,
वरना जिन्दगी में रोने के बहाने बहुत हैं।

जरूरतों की फिकर में आँखें जाग रही हैं,
बस इसी तरह हमारी जिन्दगी भाग रही है

मंजिले उन्हीं को मिलती हैं
जिनकी रगों में जूनून होता है,
मुसीबतों से भरी जिन्दगी का
बस यही उसूल होता है

मंजिले उन्हीं को मिलती हैं
जिनकी रगों में जूनून होता है,
मुसीबतों से भरी जिन्दगी का
बस यही उसूल होता है

एक ही बार में क्यों नहीं ख़त्म करती ये किस्सा ए जिन्दगी,
किश्तों में मिलता दर्द अब संभाला नहीं जाता

दो वक़्त की रोटी ढूँढने निकला था घर से दूर,
आज सुकून की तलाश में जिन्दगी गुजर रही है।

जिन्दगी से उलझने की अब औकात नहीं हमारी,
इसलिए अब हम अपने अल्फाजों से उलझते हैं

खामोश जिंदगी के कुछ ऐसे हालात हैं,
इंसानियत मर गयी और
इंसान जिंदा लाश हैं।

परेशानी शायरी हिंदी में

dard de kar

कभी मचलता था ये दिल और अब बहुत सुधर गया है,
जब से जिन्दगी से बुरा वक़्त गुजर गया है

लिख सको तो लिख लो मेहनत से मुकद्दर अपना,
खाली पन्नों से भरी किताब है जिंदगी

शोर शराब तो बस जिन्दगी का है,
मौत के बाद तो सब मौन होगा।

किस्सा सबकी जिन्दगी का बस इतना सा है कि
जिंदगी बनाने के चक्कर में जीना भूल गए हैं।

इस दुनिया में खुश होना बड़ा ही आसान हैं,
यहाँ तो हर कोई दूसरों की ख़ुशी से परेशान हैं…

जो अपनी क़ाबलियत से अनजान होता हैं,
वो इस दुनिया में बड़ा परेशान होता हैं…

कुछ लोग को नही कहने नहीं आता,
यही आदत परेशानी का सैलाब है लाता…

परेशानियों का जब परवान चढ़ा,
कौन अपना कौन पराया पता पड़ा…

सोचा नहीं था ज़िन्दगी में ऐसे भी फ़साने होंगे,
रोना भी आएगा और आंसू भी छुपाने होंगे…

जो हर हाल में हर हाल पुछा करते थे,
आज कुछ पूछो उनसे तो परेशान हो जाते हैं…

वो ना मिली इस बात पर सुबह शाम रोकर,
परेशान हो गया हूँ परेशान होकर

परेशानी की वजह पूछते हो सनम,
लगता है तुमने कभी आइना नहीं देखा…

जो तो हाल पूछ ले हाल-ऐ-दिल का,
हर मसला हल हो जाए हाल-ऐ-दिल का…

परेशान कर पूछते हैं परेशानी क्या है,
ना जाने ऐसे लोगो की कहानी क्या है

एक अँधेरा कमरा और उसमे बैठा वीरान मैं,
हो रही है बारिश बहुत लगता है आसमान भी परेशान है…

Khuda Rehm Kare Shayari

Pareshani Shayari In Hindi

खुदा रहम न करे तो हर कोई परेशान हो जाएँ,
जान ही ले ले अगर ये जिंदगी आसान हो जाएँ…

कुछ लोग परेशान हैं तेरे-मेरे साथ से,
वैसे भी ये पूरा जमाना परेशान हैं किसी न किसी बात से…

अपनी परेशानियों को हमने बढ़ा ली हैं,
हमने जो अपनी आदतें बिगाड़ ली हैं…

कितना लड़ूँ आख़िर मैं भी इक इंसान हूँ,
वक़्त थोड़ा बुरा है इसलिए परेशान हूँ…

अपनी मेहनत से तू बना अपनी पहचान,
जिंदगी में तू होगा सबसे कम परेशान…

दिल में बसने वाले इक एहसान कर,
अब इस दिल को और न परेशान कर…

मुस्कुराते हैं झूठा बहुत हम बहार बड़े शान से,
बस हम और हमारा दिल ही जानते हैं अंदर से हैं हम कितने परेशान से…

तेरे मेरे रिश्ते का आखिर कल क्या होगा,
ये जो परेशान हाल-ऐ-दिल है इसका हल क्या होगा…

परेशान होता भी और करता भी हूँ सबको,
मुझे ले क्यों नहीं जाता पूछता हूँ मैं रब को

न बोलती हो और न शरारत करके हैरान करती हो,
आजकल बड़े अदब से तुम हमे परेशान करती हो…

सुन सको तो सुनो क्या मेरा दिल कहता हैं,
हर वक़्त ये तुम्हारे लिए परेशान रहता हैं…

परेशानियां को बिलकुल परे रख कर,
चल दौड़ इस ज़िन्दगी के अग्निपथ पर

घूमा करते थे जो क़दम मोहोब्बत की गलियों में बड़े शान से,
आज बैठे है आँखों में आंसू लिए परेशान से…

कभी पूरा कमरा तो कभी दिल का एक कोना परेशान करता है,
कभी तेरा ना होना और कभी खुद का होना मुझे परेशान करता है

अपनी जिंदगी में वो बहुत परेशान होते हैं,
जिनके दिल में भी दिमाग होते हैं…

Bone Walo Ki Bolti Band

tum jitna pareshan

बोलने वालों की बोलती बंद कर बेज़ुबान मत कर,
ऐ ज़िन्दगी अब इतना भी परेशान मत कर…

तुमने कहा था हर शाम हाल पूछोगे हमारा,
तुम बदल गए हो या तुम्हारे शहर में शाम नहीं होती…

इतना भी क्या परेशान होना कल के लिए,
क्या पता कब साँसे टूट जाएँ और ये जग छूट जाएँ

माना कि हम पर तेरे अहसान बहुत हैं
मगर ए जिन्दगी तुझ से हम परेशान बहुत हैं,
कोई नहीं मिलता है जो बाँट ले दर्द मेरा
मतलब से मिलने वाले इन्सान बहुत हैं

ऐ जिंदगी तेरी परेशानियों को
हरा कर फिर जीत जाऊंगा मैं
बुरे दौर को खत्म कर फिर अपनी
काबिलियत साबित कर जाऊंगा मैं…

अपनी लगन से हर परेशानी को रास्ते से हटा दे,
तू यहाँ बस जीने नहीं जीतने आया है
ये सारी दुनिया को बता दे

मायने ज़िन्दगी के बदल गये अब तो,
कई अपने मेरे बदल गये अब तो,
करते थे बात आँधियों में साथ देने की,
हवा चली और सब मुकर गये अब तो…

हाथ पकड़ कर रोक लेते अगर,
तुझ पर ज़रा भी ज़ोर होता मेरा,
ना रोते हम यूँ तेरे लिये,
अगर हमारी ज़िन्दगी में तेरे सिवा कोई ओर होता…

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