प्यार की बातें | ऐश्वर्या जाधव

अंजान थी मैं जिससे ,
वो खुद में मुझे बसाया करता था।
बिना कुछ कहे,
वो यादें बनाया करता था।
खामोशी से वो अपनी,
मुझे सब सुनाया करता था।
प्यार की बातें ,वो मुझे प्यार से समझाया करता था।

देखा उसे , पर जाना नहीं ,
ना जाने वो कितना कुछ छिपाया करता था।
मेरी हँसी में ,
वो अपना दर्द बहाया करता था।
आंखो से जाने वो क्या कहता,
दिल मेरा कुछ न बताया करता था।
प्यार की बातें ,वो मुझे प्यार से समझाया करता था।

एहसास नहीं वो कब आया,
शायद दूर से ही रिश्ता निभाया करता था।
पास आने का खयाल उसे ,
मन ही मन घबराया करता था।
मैं हूं या नहीं उसकी,
ये सवाल उसे सताया करता था।
प्यार की बातें , वो मुझे प्यार से समझाया करता था |

-ऐश्वर्या जाधव

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