Rishte Nibhana Sikhe रिश्ते निभाना सीखे

Hindi Kavita

हिन्दी कविता- ग़र रिश्ता कच्चा है,उसे चलाना सीखो,हर मुसीबत में हाथ,बढाना सीखो।कोई नहीं है मुसाफिर यहां,तुम जैसे अंधेरों का,तुम अंधेरों में भी,चराग जलाना सीखो।

चल आगे बढ़ – प्रयास गुप्ता

PRAYAS GUPTA POETRY

चल आगे बढ़मत रूक मत थम,इन चमक-धमक मे मत पड,भौतिक सुविधाओ के संग,मत थक तू चलता-चलचल आगे बढ़। कभी काँटें होंगे, कभी पतझड़,कभी कलियाँ होंगी, कभी कोपल,इन बिंब विधानो मे मत पड,तू देख लक्ष्य तू आगे बढ़,तू बेसुध हो, काँटो पर चल,चल आगे बढ़। किन बाधाओं से हार रहा,जो आयी नहीं अब तक?किन अभिलाषाओं को … Read more

मै मुस्कुरा देता हूँ

love Poems by prayas

तेरी खिलखिलाती हसीं,
मुस्कुराहट है मेरी ,
तू चंचल सी और तेरी बातें
भी, जिंदगी नहीं जन्नत सी है।
जब भी तू याद सी आती है,
मै मुस्कुरा देता हूं।

देश और देशभक्ति

best patriotic poems in Hindi by prayas

लोकतंत्र में किस प्रकार मजदूर वर्ग को नजंदाज किया गया और किस प्रकार की परेशानियां उनको भोगना पड़ा वो सब मजदूर खुद कहना चाहते है जो मैने शब्दो के माध्यम से अभिव्यक्त की है। क्या यह एक लोकतांत्रिक गणराज्य में सही है ??

गए थे किस्मत आजमाने!

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चले थे घर से दूर कुछ कमाने,
कुछ बनने कुछ बनाने,
हम मजदूर है, गए थे किस्मत आजमाने।

किराए से रहते वहां,
रोज़ कमाते, हेतु रोज़ खाने,
हम मजदूर है, गए थे किस्मत आजमाने।